मन
चाह गई, चिंता मिटी, मनवा बेपरवाह..king of kings.
कोई न कोई तो रहा होगा जिसने पहले प्रेम से समझाया होगा, कहीं से तो आवाज़ आई होगी कि ‘मान जाओ', जब नहीं माने, कर ली…
कोई न कोई तो रहा होगा जिसने पहले प्रेम से समझाया होगा, कहीं से तो आवाज़ आई होगी कि ‘मान जाओ', जब नहीं माने, कर ली…
इंसान 1. जो कभी कभी नशे में होते हैं । बस बोलते रहते है शिकारी आयेगा दाना डालेगा भूल से उसमें फंसना नहीं ये वो है जो…
जो व्यक्ति तमाम तरह के प्रभावों के अधीन होकर जीता है वो व्यक्ति कभी भरोसेमंद नहीं हो सकता ।वो अपने अहंकार को बचाने के लिए धोखा द…
आज के समय में विवाह और प्रेम को एक तराजू पे रखना बस एक कोरी बकवास मात्र होगी। विवाह बस दैहिक सुख और वंशवाद को एक सामाजिक स्वीकृत…
हमलोगो को स्वराज मिला है; सुराज नहीं। यहाँ घूसखोरी ,चोरी और नैतिक पतन आदि वर्तमान में फैला है , जिससे जनता में दुःख फैला हुआ ह…