मैं और मेरा me and mine
संसार में हर बंधन ( माया)की शुरुआत मैं और मेरा से होती है और सारे पाप, दुख, क्रोध, का मूल यही है जिस दिन मैं और मे…
संसार में हर बंधन ( माया)की शुरुआत मैं और मेरा से होती है और सारे पाप, दुख, क्रोध, का मूल यही है जिस दिन मैं और मे…
ज्ञान संसार से मन को तोड़ो और सत्य से नाता जोड़ों जो सत्य से मिलाएगा तब मन समाप्त होकर बस चेतन आत्मा का बोध होगा। वही पर सच्चा स…
जिनके नजरिये में उम्र, संबंध, पद, रूप, ताकत और धन से बड़ा और छोटा का दायरा निश्चित होता है वो किसी ना किसी की गुलामी…
जिस संबंध का आधार ही प्राकृतिक हो वहां ज्ञान धर्म की आशा रखना ही अप्राकृतिक होगा, दुनिया के लगभग संबंध प्राकृतिक होत…