मैं का पानी my water..
इंसां जब पैदा लेता है तो एक खाली ग्लास की तरह होता है मगर वो खाली रहता नहीं उसमे आसपास का ग्यान पानी की तरह भरता रहत…
इंसां जब पैदा लेता है तो एक खाली ग्लास की तरह होता है मगर वो खाली रहता नहीं उसमे आसपास का ग्यान पानी की तरह भरता रहत…
जो अपने लक्ष्य को चौबीस घंटे समर्पित करता हो, अपने पाँच मिनट बर्बाद करने वाले के ऊपर वो बुरा मानेगा। मगर जो दिन में अपने लक्ष…
ज्यादातर जिसे प्रेम का नाम दिया जाता है ये सिर्फ एक कृत्रिम फूल मात्र है जिसमें ना सुगंध है ना कोमलता हो सकता हैं ये सुन्दर दिखे…
श्रीकृष्ण के दिए दो पैसे की कीमत अर्जुन के हाथ से मिले हीरे से ज़्यादा कैसे? श्रीकृष्ण और अर्जुन भ्रमण के पश्चात लौट …
बचपन में केदारनाथ अग्रवाल की कविता "बसंती हवा " ये सिर्फ कविताएं नहीं उसी मुक्ति और प्रेम के गीत हैं । अगर ध्यान से स…
जिस दिन इंसानी मन अकेला कुछ देर बैठ पाया उस दिन उसको उस सन्ति का अनुभव होगा जिसे वो दूसरों में खोजता रहता है ,मगर हम अपने आपको क…
संसार में हर बंधन ( माया)की शुरुआत मैं और मेरा से होती है और सारे पाप, दुख, क्रोध, का मूल यही है जिस दिन मैं और मे…
ज्ञान संसार से मन को तोड़ो और सत्य से नाता जोड़ों जो सत्य से मिलाएगा तब मन समाप्त होकर बस चेतन आत्मा का बोध होगा। वही पर सच्चा स…
जिनके नजरिये में उम्र, संबंध, पद, रूप, ताकत और धन से बड़ा और छोटा का दायरा निश्चित होता है वो किसी ना किसी की गुलामी…
जिस संबंध का आधार ही प्राकृतिक हो वहां ज्ञान धर्म की आशा रखना ही अप्राकृतिक होगा, दुनिया के लगभग संबंध प्राकृतिक होत…